Refer a friend and get % off! They'll get % off too.

Awargi - Ek Unmukt Vichardhara by Ravi Agrawal | Rajmangal Prakashan

छोटे से शब्द आवारगी के मायने बहुत विस्तृत होते हैं। वो आपके विचारों में हो सकती हैं या फिर वो आपके व्यवहार में हो सकती हैं। ये वाली क़िताब आपको विचारों वाली आवारगी से परिचित कराएगी। जहाँ लेखक ने बिना किसी पूर्व लिखित सोच, विचार या पूर्वाग्रह को ध्यान में रखे बिना सत्य को जैसा महसूस किया, देखा और समझा वैसा लिखा है। सहारनपुर और बरेली से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार रवि अग्रवाल ने इस किताब को लिखते वक़्त इस बात का ख़ास ख़याल रखा है कि उनकी रचनाएँ सभी पाठक वर्गों को पसंद आएं। इस पुस्तक में तीन खण्ड हैं जिनमें एक आवारगी वाली कविताओं का है, दूसरा प्रेम वाली कविताओं का है और तीसरा चिंतन के रूप में उनकी विभिन्न विषयों पर सोच का है।

Visit - https://www.rajmangalpublishers.com
http://rajmangalpublishers.com/book-store/
https://www.rajmangalpublishers.com/contact-us/
https://www.rajmangalpublishers.com/about-us/
https://www.rajmangalpublishers.com/submission

$ 3.00

On Sale
$3.50
$ 3.00
Added to cart
Add to Cart
Adding ...

Discount has been applied.