Your Cart

Rashtriyata Sai Antarrashtriyata (राष्ट्रीयता से अन्तर्राष्ट्रीयता)

On Sale
$3.00
$3.00
Added to cart
आज के दौर में जब राष्ट्रों के अपने हितों, सीमाओं, आर्थिक स्वार्थों में टकराव की स्थिति उतपन्न हो रही है,उस दौर में राष्ट्रीयता,अंतर्राष्ट्रीयता, और राष्ट्र प्रेम को सही परिपेक्ष्य में समझना अति आवयश्क हो गया है।
यह पुस्तक एक क्रांतिकारी और सांसद विश्वनाथ रॉय द्वारा राष्ट्र और विश्व को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है।
शुभ कामनाओं सहित।
जनरल संजय कुलकर्णी, 1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर सबसे पहले कदम रखने वाले भारतीय सेना के जांबाज।

Nationality, Nationalism and Patriotism has a very wide connotation. This has become all the more relevant in today’s milieu. This book has been authored by a person who actively participated in India’s epic freedom struggle and has successfully portrayed India's cosmopolitan philosophy of ‘vasudhev kutumbkam’ and values of freedom and dignity of life...worth reading.
BP Singh, Former Governor of Sikkim and Home Secretary

स्वर्गीय विश्वनाथ राय ने पचीस वर्षों तक लोकसभा के सदस्य के रूप में राष्ट्र की सेवा की है। स्व राय की किसानों और कृषि के क्षेत्र में गहरी रूचि थी और वे किसानों और खाद्यानों की कमी के लिए लगातार संघर्षरत रहे।
अजय भट्ट, संसद सदस्य, नैनीताल, उत्तराखंड

वर्तमान परिवेश में यह अति आवयश्क है कि स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े नायकों, उनके योगदान और आहुति देने वाले महापुरुषों के बारे में नई पीढ़ी को अवगत कराया
जाए।
हरीश रावत, महासचिव आ.भा. कांग्रेस, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्य मंत्री

The contents of the book are very liberal and not confined to the national boundaries. The objective of the book is to understand the nationality in its global perspective.
This book will prove to be very useful for all nations as well as to the humanity.
Bhupinder Hooda, Former Chief Minister of Haryana

विश्वनाथ राय, स्वतंत्रता सेनानी एवम सांसद द्वारा रचित पुस्तक "राष्ट्रीयता से अंतर्राष्ट्रीयता" निश्चित रूप से बेहद अहम और सामयिक प्रकाशन है।
यह पुस्तक एक स्वतंत्रता सेनानी के वर्षों के चिंतन और मेहनत के परिणाम है। आशा है यह पुस्तक ना सिर्फ भारत
के लिए बल्कि विश्व के राजनायिकों, नेताओं और शोधकर्ताओं के लिये अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
रीता बहुगुणा, सांसद एवं पूर्व राज्य कबीना मंत्री
You will get a PDF (4MB) file
No products found