सिन्धु का नीला तारा
एक प्राचीन साम्राज्य का पतन। एक वर्जित शक्ति का पुनर्जन्म। एक ऐसी यात्रा जो इतिहास बदल देगी।
समय के उस धुंधले मोड़ पर, जहाँ कांस्य युग का वैभव अपनी अंतिम साँसें ले रहा था, मोहेंजो-दड़ो का सिटाडेल प्रलयंकारी बाढ़ की चपेट में आ गया। लेकिन इस विनाश के बीच, मास्टर शिल्पी दक्ष एक ऐसे रहस्य को लेकर भागता है जिसे उच्च पुरोहितों ने सदियों से छिपाया था—अनाहत। यह एक ऐसी धातु से बना शस्त्र है जो न केवल पत्थरों को काट सकता है, बल्कि वास्तविकता के ताने-बाने को भी झकझोर सकता है।
सृजन की भारी कीमत
दक्ष जब जलते हुए नगर से निकलता है, तो खड्ग की नीली गूँज उसके शरीर पर 'नीली धमनियों' के रूप में उभरने लगती है। यह मार्क केवल शक्ति का नहीं, बल्कि विनाश का संकेत है। उसके साथ है ईरा, एक लिपिक जो एक मरती हुई सभ्यता के अंतिम रिकॉर्ड्स को सहेज रही है, और सुमेर, एक व्यापारी जिसका विश्वास हर कदम पर टूट रहा है। उनकी मंशा हिमालय की उन बर्फीली कंदराओं तक पहुँचने की है जहाँ 'वंग' (राँगे) का गुप्त निक्षेप इस खड्ग की हिंसक अग्नि को शांत कर सकता है।
मौन का युद्ध
पीछा कर रहा है एनु-शार—एक ऐसा शासक जो इस नीली शक्ति को पाने के लिए दुनिया को राख करने के लिए तैयार है। 'लुटेरों की घाटी' से लेकर 'धवल अंधकार' के शिखर तक, दक्ष को न केवल शत्रुओं से लड़ना है, बल्कि उस 'अतीत के प्रेतों' का भी सामना करना है जो उसे अपनी मेधा का दुरुपयोग करने के लिए उकसाते हैं।
क्या दक्ष इस आकाश-तत्व को स्थिर कर पाएगा? क्या 'मौन का स्तंभ' आने वाली पीढ़ियों को इस अभिशाप से बचा पाएगा?
ऐतिहासिक तथ्यों और महाकाव्य फंतासी का यह अद्भुत मिश्रण आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाएगा जहाँ सभ्यता और प्रलय के बीच केवल एक शिल्पी की 'मर्यादा' खड़ी है। यदि आपको प्राचीन रहस्य, साहसिक यात्राएँ और गहरी दार्शनिक गाथाएँ पसंद हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए है।
आज ही 'अनाहत' की इस गूँज का हिस्सा बनें!