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इंतजार

इंतजार

एक लम्बा इंतज़ार

तुम क्या जानो मेरी आँखों ने कितना इंतजार किया है

इन आंखों ने एक ही शख्स को इतना देखा की

इतना देखा कि इतंजार इंतजार..... इंतजार ही इंतजार एक उमर बीता दी तेरे इंतजार में तेरे अलावा कोई ओर ख्वाब नहीं सजाये इन आंखों ने रोई भी तो तेरे लिए और मुस्काई भी तेरे साथ मेरी आँखें बड़ी धोखेबाज निकली मेरी हो कर भी तेरे लिए रोई तेरे इंतजार में हैं एक लम्बा इंतज़ार बस इंतजार बस तेरा इंतजार ही किया है। इस उम्मीद से

किसी ओर को देखने का दिल ही नहीं किया

रहा इन आंखों को तेरा

तुम क्या जानों इंतजार क्या होता है

तुम क्या जानों इतजार कितना सब्र मागता है

एक एक पल एक उम्र के बराबर लगता है

जिन्हें बिन मांगे मिल गए तुम

वो क्या जाने हमने कितना इंतजार किया है

एक बार इन भीगी आँखों को तो देख

जिसमें सारे अश्क तेरे इतजार के थे

मेरी मगरूर आंखें गुनाहगार भी हे तो

इस आखो ने तेरे अलावा कोई और हसीन मंजर नहीं देखा

बहते हुए अश्कों की कोई जुबान नहीं होती

मोहब्बत लफ्जों में बयां नहीं होती

नजमी है तेरा इंतजार

उम्र भर घड़ी की ओर नहीं देखा

मेरी आंखों ने सारे मंजर तेरी यादों में बीता दिये

सारे मौसम तेरी याद में बीते

कोई पूछे मुझसे कि क्या करती हो

तो में बताऊँगी

बस तेरा इंतजार

एक लम्बा इतज़ार

बस इंतजार

करती हु।