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About Me

​मेरे लिए, कृष्ण और महाभारत की यह गाथा मात्र कल्पना की उपज नहीं है; यह आठ वर्षों के निरंतर और गहन शोध का परिणाम है। 16 वर्ष की आयु से ही मैंने महाभारत के 100 से अधिक संस्करणों, पवित्र ग्रंथों और प्राचीन पांडुलिपियों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है।  इन चरित्रों की वास्तविकता को आत्मसात करने के लिए मैं दिन-रात इनके साथ जिया हूँ, ताकि उस 'सत्य के सार' को निकाला जा सके जिसे आज तक कभी नहीं दिखाया गया। ​मेरे द्वारा लिखी गई प्रत्येक पंक्ति में इतिहास का वह भार और गहराई है, जैसे स्वयं महर्षि वेदव्यास उसे बिना किसी 'मसाला' या खोखले अतिशयोक्ति के दर्ज कर रहे हों। मेरा शोध उन कच्चे भावनात्मक संघर्षों और उस गहरे दर्द को उजागर करता है, जो सदियों से 'चमत्कारों' के पर्दे के नीचे दबा हुआ था। ​इस संस्करण में, प्रत्येक पात्र अपार मनोवैज्ञानिक दबाव और अपने प्रियजनों को खोने के असीम दुख से गुजरता है। मैंने उस पीड़ा को इतनी सजीवता से उकेरा है कि वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। यह एक मानवीय गाथा है जहाँ भावनाएं और संघर्ष इतने वास्तविक हैं कि दर्शक समय का भान भूल जाएंगे। इसे मस्तिष्क और हृदय दोनों को झकझोरने के लिए बनाया गया है, क्योंकि यह उस कृष्ण से पूर्णतः भिन्न है जिसे आपने आज तक सुना, देखा या सोचा है।


​यह पौराणिक कथा नहीं है; यह इतिहास के सबसे महान महाकाव्य की धरातलीय और रूह कंपा देने वाली वास्तविकता है।.