अतल का शाप: जब देवता जागे
भारत के पश्चिमी तट पर एक अभूतपूर्व खोज हुई है : एक विशाल, प्राचीन शहर जो हजारों वर्षों से समुद्र की गहराई में छिपा हुआ है । इसे पौराणिक द्वारका शहर माना जा रहा है, और इस रहस्य को उजागर करने के लिए प्रसिद्ध समुद्र विज्ञानी डॉ. अर्जुन शर्मा को एक गुप्त अभियान का नेतृत्व करने के लिए बुलाया जाता है । उनके साथ अनुभवी समुद्री अभियंता विक्रम सिंह, तेज-तर्रार सोनार विशेषज्ञ प्रिया मेहता और रहस्यमय स्थानीय गोताखोर देव हैं, जिनके पास समुद्र की गहराइयों के बारे में एक अद्वितीय, सहज ज्ञान है । जैसे ही उनका अत्याधुनिक अनुसंधान पोत 'वरुण' इस अछूती गहराई में प्रवेश करता है, एक भयानक सत्य सामने आता है: यह शहर किसी प्राकृतिक आपदा से नहीं डूबा, बल्कि किसी अदृश्य, प्राचीन शक्ति द्वारा बलपूर्वक नीचे खींचा गया है ।
जल्द ही, अभियान दल को एक भयावह, लयबद्ध "गीत" का सामना करना पड़ता है जो समुद्र की गहराइयों से गूँजता है । यह गीत दल सदस्यों के मन पर सीधा हमला करता है, उन्हें मतिभ्रम, भय और उन्माद में धकेलता है । उन्हें पिछले एक रहस्यमय ढंग से गायब हुए अभियान के अवशेष मिलते हैं, और डॉ. अर्णव रे की अंतिम, उन्मादी दैनंदिनी जो "गीत" और "परछाइयों" के बारे में चेतावनी देती है जो साँस खींचती हैं । देव की प्राचीन लोककथाएँ धीरे-धीरे इस रहस्य को उजागर करती हैं: यह 'जल-देवता' का प्रकोप है, एक प्राचीन संरक्षक जो एक भयानक विश्वासघात और एक निर्दोष बच्चे के बलिदान के कारण पीड़ा और क्रोध में फंसा हुआ है । अब, यह जल-देवता अपनी अनंत पीड़ा को साझा करने के लिए सभी को अपनी ओर खींच रहा है ।
जब 'वरुण' पोत और उसके दल सदस्य जल-देवता के क्रोध की कीमत चुकाते हैं, अर्जुन, प्रिया और देव को इस अलौकिक खतरे का सामना करने के लिए 'अंतर्जलीय यान' में एक अंतिम, हताश यात्रा करनी पड़ती है । उन्हें प्राचीन नाविक के गूढ़लेख, वैदिक मंत्रों, और एक पवित्र शंख जैसे भारतीय लोककथाओं और आध्यात्मिक ज्ञान में समाधान खोजना होगा । उन्हें जल-देवता के हृदय में प्रवेश करना होगा, उसकी पीड़ा को समझना होगा, और उस मासूम आत्मा को मुक्ति दिलानी होगी जो उसे बांधे हुए है । यह कहानी गहरे समुद्र के अन्वेषण, अलौकिक रहस्य, और मानव मन पर आतंक के मनोवैज्ञानिक प्रभाव का एक सम्मोहक मिश्रण है । ज्ञान की कीमत और नैतिक दुविधाएँ इस थ्रिलर को एक अनूठा आयाम देती हैं, जो आपको आखिरी पृष्ठ तक बांधे रखेगी, यह सवाल करते हुए कि कुछ रहस्य वास्तव में गहराइयों में ही बेहतर क्यों लगते हैं ।